Akbar Ke Navratna : अकबर के नवरत्न के नाम और कार्य

अकबर के नवरत्न के नाम और कार्य | Akbar Ke Navratna in Hindi

आज के लेख में मुगल सम्राट अकबर के दरबार के सभी नवरत्न की जानकारी में मुगल सम्राट अकबर के नवरत्न कौन थे उनके नाम और कार्य क्या थे के बारे में विस्तार से अकबर के नवरत्न (Akbar Ke Navratna 9) का इतिहास बताया गया है।

क्या आप भी अकबर के नवरत्न (Akbar Ke Navratna) के नाम और उनके कार्यो के बारे में इतिहास का सामान्य ज्ञान जानने के इच्छुक है, तो आज आप एक सही ब्लॉग और सही पोस्ट पर आए हो। पोस्ट पढ़ने के बाद आपको अकबर के 9 रत्न Trick से अकबर के नवरत्न नाम और कार्य का नॉलेज हो जायेगा। साथ ही लेख में आपकी उन सभी क्विरीज का उत्तर इसमें मिलेगा जिसे आप गूगल पर सर्च करते हैं जैसे कि – Akbar Ke Navratna Kaun the, Akbar Ke Navratna Trick, Akbar Ke Navratna Ka Naam, Akbar Ke Navratna in Hindi, Akbar Beerbal History in Hindi।

दोस्तों, आज के समय में अगर आप भी Sarkari Job/Vacancy की तलाश में है, कंपीटीशन एग्जाम में अच्छे अंक लाकर Bank Manager, Sub Inspector, Constable, Teacher या टेक्निकल छेत्र Software Engineer बनना चाहते है तो आपको कंप्यूटर, साइंस, मैथ्स, बायोलॉजी, केमिस्ट्री, हिंदी, संस्कृत के साथ साथ इतिहास (History) का नॉलेज होना चाहिए। चलिए, 9 रत्न के नाम की लिस्ट और उनके काम जानने से पहले अकबर कौन था? ये जानते है।

अकबर कौन था?

Akbar Koun Tha (Who Was Akbar): अकबर का जन्म [Akbar Birth] राजपूत शासक राणा अमरसाल के महल अमरकोट, सिंध (वर्तमान_पाकिस्तान) में 23 नवम्बर 1542 ई. में हुआ था। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पूर्णिमा की रात्रि को मुगल बादशाह अकबर का जन्म हुआ था। इसी वजह से बाद में उसका नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया था। अकबर की मृत्यु 29 अक्टूबर 1605 ईस्वी को हुई थी। अकबर की मृत्यू के बाद उसका पुत्र नुरुद्दीन सलीम जहाँगीर मुग़ल साम्राज्य का नया शासक बना। चलिए अब जानते है, अकबर के नवरत्न की सूचि और उनके दायित्वों के बारे में।

Related – सम्राट अशोक का जीवन परिचय, इतिहास, Samrat Ashok Biography and History in Hindi

अकबर के नवरत्न के नाम । Akbar Ke Navratna Ke Naam

इतिहास में मुगल सम्राट अकबर के 9 रत्नों के नाम की सूची निम्नानुसार है। चलिए जानते है, अकबर के नवरत्न कौन कौन से है –

क्र.नाम नवरत्न
1बीरबाल (Birbal)
2अबुल फजल (Abul Fazal)
3फेज़ी (Fezi)
4अब्दुल रहीम कान्हे (Abdul Rahim Kanhe)
5तानसेन (Tansen)
6टोडरमल (Todarmal)
7मानसिंह (Mansingh)
8मुल्ला दो प्याजा (Mulla Do Pyaja)
9हकीम हुक्का (Hakeem Hukka)
अकबर के नवरत्न : अकबर के दरबार के 9 रत्न

अकबर के नवरत्न के नाम और काम । Navratna Of Akbar in Hindi

अकबर के नवरत्न कौन थे? : अकबर बीरबल की कहानी (Akbar Beerbal History) तो आपने सुनी ही होगी। यहां आपको अकबर के सभी नवरत्न, मतलब 9 रत्नों के नाम के साथ उनके काम (कार्यो) के बारे में नीचे बताने वाले है। अकबर के नवरत्न की लिस्ट और उनके कार्य निम्न है –

बीरबल (Birbal)

राजा बीरबल बहुत ही ज्ञानी व्यक्ति थे। बीरबल का सही नाम महेशदास था। बीरबल का जन्म 1528 में सीधी, मध्य प्रदेश में हुआ था। इनकी मृत्यु 16 फरवरी 1586 को 57 वर्ष की आयु में हुई थी। बीरबल अकबर के प्रमुख नवरत्नो में से एक थे जिनका नाम अकबर के नवरत्नों में गिना जाता है।

बीरबल का काम : बीरबल एक कवि थे। वह अकबर के विशेष सलाहकार थे। हंसी-मजाक में अकबर के साथ बीरबल के किस्से आज भी सुनने को मिलते है। कवि बनकर बीरबल ने ब्रह्म के नाम एक कविताएं लिखी थी। बीरबल द्वारा लिखी गई कविताएं आज भी राजस्थान राज्य के भरतपुर संग्रहालय में सुरक्षित रखी गई है।

अबुल फजल (Abul Fazal)

अबुल फ़ज़ल का जन्म 14 जनवरी 1556 को भारत के आगरा में हुआ था। इनकी मृत्यु (कारण -हत्या) 12 अगस्त 1602 को हुई थी। आपको बता दे कि इनकी हत्या सलीम ने करवाई थी। अबुल फजल का पूरा नाम अबुल फजल इब्न मुबारक था। इनके पिता का नाम शेख मुबारक था। साथ ही फजल ने आईन-ए-अकबरी और अकबरनामा की रचना की थी। इसके अलावा अबुल फजल ने पंचतंत्र का भाषा अनुवाद कर फारसी में पंचतंत्र का अनुवाद कर अनवर ए सादात नाम दिया।

फ़ैज़ी (Fezi)

फेज़ी का जन्म 24 सितंबर 1547 को आगरा में हुआ था। इनका पूरा नाम शेख अबु अल-फ़ैज़ था। और ज्यादा प्रचलित नाम फ़ैज़ी ही था। यह अबुल फ़ज़ल के भाई थे।

शेख अबु अल-फ़ैज़ के कार्य : फैजी शिक्षक और मध्यकालीन भारत का फारसी कवि था। आपको बता दें कि फैजी को मुगल सम्राट अकबर ने अपने पुत्र को गणित पढ़ाने के लिए शिक्षक के पद पर भी नियुक्त किया था। इन्होंने लीलावती ग्रंथ का फारसी भाषा में अनुवाद किया।

तानसेन (Tansen)

तानसेन अकबर के प्रमुख दरबारो में से एक है। यह एक महान विद्वान संगीतकार थे। आपको बता दें कि तानसेन के बचपन का नाम राम तनु पांडे और तन्ना मिश्रा था। इनके नाम के साथ मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से एक कहावत जुड़ी हुईं है जो इस प्रकार है – ग्वालियर में बच्चे भी रोते है तो सुर में रोते है और पत्थर दुडकते (लुढ़कते) है तो ताल में लुढ़कते में। मियां का मल्हार भी इन्होंने ही बनाया था।

तानसेन के दरबार में कार्य : तानसेन एक संगीतकार थे। इनके नाम से आज ग्वालियर शहर की पहचान है। ग्वालियर को तानसेन नगरी के नाम से भी जाना जाता है।

टोडरमल (Raja Todarmal)

राजा टोडरमल का जन्म 1 जनवरी 1500 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के लहरपुर नामक स्थान पर हुआ था। इनकी मृत्यु 8 जनवरी 1589 को लाहौर पाकिस्तान में हुई थी। टोडरमल सम्राट अकबर के राजस्व की देख रैख हेतू वित्तमंत्री नियुक्त किए गए थे।

टोडरमल के दरबार में कार्य : इन्होंने भूमि पैमाईश के लिए दुनिया की पहली मापन प्रणाली तैयार की थी। राजा अकबर के पूरे राज्य कि पेमाइस तोडरमल ने ही की थी। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यूपी राज्य का पहला और एक मात्र भूलेख प्रशिक्षण संस्थान का नाम हरदोई प्रशिक्षण संस्थान से राजा टोडरमल भूलेख प्रशिक्षण संस्थान रखा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन्होंने भूराजस्व की दहसाला पद्धति का प्रारंभ किया था।

मानसिंह (Mansingh)

राजा मानसिंह का जन्म 21 दिसंबर 1550 को राजस्थान के आमेर नामक स्थान पर हुआ था। इनकी मृत्यु 1614 अचलपुर नामक स्थान पर हुई थी। इनके पिता का नाम भगवानदास एवं माता का नाम रानी भगवती बाई था।

अकबर के नवरत्न राजा मानसिंह का काम : यह अकबर की सेना के प्रधान सेनापति थे। जो राज्य की रक्षा के लिए रणनीतियां बनाते थे एवं राज्य की रक्षा करते थे।

अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना (Abdul Rahim Khan-e-Khana)

अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना का जन्म 17 दिसंबर 1556 को दिल्ली शहर में हुआ था। इनका निधन 1 अक्टूबर 1627 को भारत के आगरा शहर में हुआ था। इनके पिता का नाम बैरम खान था।

काम : अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना अकबर के दरबार के बहुत ही लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित कवि थे। बाबरनामा का फारसी में अनुवाद किया एवं नगर शोभा नामक रचना की थी।

हकीम हूकाम (Hakeem Hukam)

फकीर अजिओं-दिन सम्राट अकबर के चिकित्सक थे यानी हकीम थे। इनको भी अकबर के नवरत्नों में शामिल किया गया है।

मुल्लाह दो पिअज़ा (Mullah Do Piazza)

इनको प्याज खाने का बहुत शोक था। इसके साथ साथ यह एक रसोइया भी थे। इनको अकबर के अमात्य भी माना जाता है। इनको दूसरो की बात काटने के मामले में भी लोकप्रिय माना जाता था।

Related – अकबर का इतिहास और जीवन परिचय, Akbar History and Biography in Hindi

निष्कर्ष

अकबर के नवरत्न : Akbar Ke Navratna in Hindi? लेख पसंद आया होगा, में हमेशा पूरा प्रयास और काफी रिसर्च करके लेख के द्वारा सभी पाठको तक जानकारी पहुंचता हूं ताकि किसी भी यूजर्स को जो हमारी हिंदीनोट वेबसाइट पर जिस जानकारी के लिए आया है उसे वो जानकारी मिले और उससे संतुष्ट होकर जाए ताकि दूसरी वेबसाइट पर जाकर सर्च न करना पड़े।

अकबर के नवरत्न कौन थे? लेख से आपको जरूर सीखने को मिला होगा, अगर फिर भी आपके दिमाग कोई कन्फ्यूजन हो तो इस आर्टिकल चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान का इतिहास/के के सबसे नीचे एक कमेंट बॉक्स होगा उसमें आर्टिकल से संबंधित प्रश्न और अपना email डालकर कमेंट करे, आपकी पूरी मदद की जाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published.

x