GPS Full Form in Hindi - जीपीएस क्या है, कैसे काम करता है?

जीपीएस क्या है? जीपीएस का फुल फॉर्म और मीनिंग जानिए

आज के लेख में जीपीएस फूल फॉर्म इन हिंदी -What is The Full Form of GPS in Hindi? जीपीएस क्या है, कैसे काम करता है, (GPS Full Form in Hindi – What is GPS, how does it work in Hindi) के बारे में जानकारी बताई गई है।

GPS Ka Full Form Kya Hota Hai – जीपीएस का फूल फॉर्म इन हिंदी – नमस्कार दोस्तों, अगर आप GPS का फूल फॉर्म क्या होता है (What is The Full Form of GPS) के बारे में जानकारी जानने आए है, तो आप एक सही लेख पर आए है। इस लेख जीपीएस का हिंदी अर्थ के द्वारा GPS (जीपीएस) से जुड़े सभी प्रश्न GPS Ka Full Form Kya Hai, GPS in Hindi, GPS Meaning in Hindi, जीपीएस का हिंदी अर्थ, जीपीएस के उपयोग, हिंदी में जीपीएस फूल फॉर्म क्या होता है, GPS का मतलब और उपयोग क्या है, GPS काम कैसे करता है, जीपीएस का आविष्कार कब और किसने किया, जीपीएस का मालिक, जीपीएस फूल फॉर्म इन इंग्लिश आदि के उत्तर विस्तार से बताएंगे जिन्हे आप Google पर सर्च करते हैं।

जीपीएस का फुल फॉर्म क्या होता है

GPS (जीपीएस) का फूल फॉर्म Global Positioning System होता है। हिंदी में जीपीएस (GPS) का फूल फॉर्म या पुरा नाम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम होता है। हिंदी में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम का शार्ट फार्म जीपीएस (GPS) होता है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम तीन शब्दों से मिलकर बना है, (GPS) का मतलब या जीपीएस का हिंदी अर्थ हिंदी इस प्रकार है – ग्लोबल का मतलब/अर्थ विश्व/ ब्रह्माण्ड और पोजिशनिंग का मतलब स्थिति निर्धारण एवं सिस्टम का मतलब व्यवस्था होता है।

जीपीएस का मतलब और मीनिंग

GPS Meaning in Hindi : जीपीएस मतलब हिंदी में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ( Global Positioning System) होता है। जीपीएस का हिंदी मीनिंग वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली होता है जो किसी भी निर्धारित स्थान समय मौसम का पता लगाने में हमारी मदद करता है।

GPS Full Form in English

जीपीएस मतलब इंग्लिश में Global Positioning System होता है।

जीपीएस क्या है? What is GPS in Hindi

ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) एक अंतरिक्ष आधारित उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है जो प्रथ्वी के सभी प्रकार के मौसम की स्थिति, समय एवं प्रथ्वी पर स्थित सड़क, मकान, तालाब, नदी, शहर, गांव, रेलवे लाईन आदि की स्थिति या लोकेशन की जानकारी प्रदाय करता है। यह प्रणाली पूरे विश्व के नागरिकों, सैन्य और वाणिज्यिक उपयोगकर्ता को महत्वपूर्ण क्षमता प्रदान करता है। जीपीएस का इस्तेमाल किसी भी चीज की स्तिथि/लोकेशन या कही का भी रास्ता भूलने पर GPS का उपयोग कर पता लगाने के लिए किया जाता है।

GPS कम से कम 24 उपग्रहों से बना है, जीपीएस सभी प्रकार के मौसम में लगातार 24 घंटे काम करता है। 1960 में संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना द्वारा जीपीएस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया गया था। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी का विकास हुआ बाद 1980 में जीपीएस और विकसित हुआ और 1980 के दशक में आम नागरिकों के लिए भी जीपीएस उपलब्ध हुआ, जिससे आम जनता भी जीपीएस का इस्तेमाल कर पाती है।

जीपीएस कैसे काम करता है?

GPS (Global Positioning System) पृथ्वी की ऑर्बिट (Orbit) में घूमने वाले सेटेलाइट (Satellite) से मिलने वाले सिग्नल्स (Signals) के आधार पर काम करता है। जितने अधिक सेटेलाइट्स (Satellite) होंगे उतनी ही एक्यूरेट यानी सही सही आप की लोकेशन पता चलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Satellite एक निश्चित समय पर Position (पोजीशन) और वर्तमान समय की Information (इंफॉर्मेशन) के Signal (सिग्नल) ट्रांसमिट करता है। यह सिग्नल प्रकाश मतलब लाइट की स्पीड पर ट्रैवल (यात्रा) करते हैं।

जीपीएस का इतिहास History of GPS in Hindi

GPS यानी गलोबल पोजीशनिंग सिस्टम (Global Positioning System) की शुरुआत U.S Department of Defence के द्वारा सन् 1973 में की गई थी। इस प्रोजेक्ट यह प्रोग्राम के तहत पहला सेटेलाइट वर्ष 1978 में लांच हुआ था जबकि आम नागरिकों के लिए जीपीएफ का इस्तेमाल 1983 करीबन में चालू किया गया था। लेकिन उस वक्त इसमें कुछ पाबंदियां थी जिन्हे वर्ष 2000 में हटा दी गई तभी से आज तक जीपीएस का उपयोग हर कोई करता है।

ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ( Global Positioning System) का असली नाम Navstar GPS है। NAVSTAR का फूल फॉर्म Navigation Satellite Timing And Ranging System है। संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा जीपीएस को शुरुआत में एक प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना को दुश्मनों के जहाज, वायुयानों और अन्य सैन्य उपकरणों की लोकेशन की सटीक जानकारी प्रदान करना था।

जीपीएस प्रोजेक्ट के अंतर्गत संयुक्त राज्य अमेरिका वर्ष 1978 से लेकर अब वर्तमान समय तक 72 सैटेलाइट लांच कर चुका है। लेकिन इनमें से 2 सैटेलाइट की लॉन्चिंग असफल हो गई थी। बाकी 72 सैटेलाइट में से 33 सैटेलाइट ही पृथ्वी की सतह से करीबन 20000 किलोमीटर ऊपर अपने ऑर्बिट में स्थित है। जबकि इनमें से 31 सैटेलाइट ही काम कर रही है। पृथ्वी को कवर करने के लिए 20000 किलोमीटर की ऊंचाई से 24 सैटेलाइट की जरूरत है बाकी 7 सैटेलाइट ऐसी है जो इन सेटेलाइट्स का अंतराल या दूरी कम करती है।

जीपीएस के उपयोग?

सामान्य तौर पर जीपीएस के उपयोग निम्न कार्यो में किया जाता है –

  • Lacation (स्थान) – स्तिथि (Position) का निर्धारण हेतू जैसे आप कहीं बाहर सफर कर रहे हो, आप ऐसी जगह पर और जिसका आपको अंदाजा नहीं लग रहा हो तो आप जीपीएस ऐप की मदद से आसानी से अपनी लोकेशन का पता लगा सकते हैं कि मैं इस वक्त कहां पर हूं।
  • Distance (दूरी) – अगर आप किसी एक स्थान से दूसरे स्थान या एक शहर से दूसरे शहर की दूरी जानना चाहते हैं तो आप बड़ी आसानी से जीपीएस की मदद से दोनों शहरों को बीच की दूरी निकाल सकते हैं।
  • Navigation (नेविगेशन) – किसी भी शहर, गांव के रोड या हाईवे या फिर कच्चे रास्ते पर क्यों ना हो, पैदल हो या गाड़ी पर मोबाइल में मौजूद जीपीएस ऐप की मदद से आप रास्ता खोज सकते हैं।
  • Tracking (ट्रैकिंग) – किसी भी वस्तु की निगरानी जिया निजी मूवमेंट का पता लगा सकते हैं।
  • Mapping (मानचित्र) – विश्व युद्ध निया के नक्शे बनाने हेतु जीपीएस की मदद ली जा सकती है। आज के समय में जीपीएस सेटिंग करना या मानचित्र बनाना काफी आसान हो गया है।
  • Timing (टाइमिंग) – जीपीएस की मदद से सटीक समय का पता लगाया जा सकता है। GPS सटीक समय को मापता है।

GPS का आविष्कार कब और किसने किया?

जीपीएस का आविष्कार सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस) के द्वारा 1960 में शुरू किया गया था, लेकिन सफलता 1973 में मिली थी। इसलिए हम यह कह सकते हैं कि जीपीएस का आविष्कार अमेरिका की सेना ने किया था। एवं हमको यह भी पता चल गया कि जीपीएस का आविष्कार अमेरिका की सेना द्वारा सन 1960 में किया गया था।

Basic Structure of GPS Segment in Hindi

सामान्य तौर पर जीपीएस 3 सेगमेंट्स पर कार्य करता है जो कि निम्न अनुसार है –

  1. Space Segment – GPS सेटेलाइट्स पृथ्वी की सतह से लगभग 20000 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी के चारों तरफ घूमती रहती है। अंतरिक्ष में कुल 24 उपग्रह है जो कि 6 ऑर्बिट के ग्रुप में होते हैं, एक ऑर्बिट 4 जीपीएस सेटेलाइट्स होती है।
  2. Control Segment- कंट्रोल सेगमेंट का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि अंतरिक्ष में ऑर्बिट से सेटेलाइट से मैं किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं है जीपीएस टाइमिंग लेवल के अंदर कार्य कर रही है या नहीं। कंट्रोल सेगमेंट के अंतर्गत सभी सेटेलाइट ऑर्बिट को मॉनिटर किया जाता है।
  3. User Segment – यूजर सेकंड का मुख्य कार्य सेटेलाइट्स के द्वारा भेजे गए सिग्नल्स को प्राप्त करना होता है। यूजर सेगमेंट को जीपीएस रिसीवर भी कहते हैं।

FAQ,s

Q- जीपीएस का आविष्कार किसने किया?
Ans- संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस) के द्वारा 1960 में शुरू किया गया था.

Q- जीपीएस फूल फॉर्म इन हिंदी?
Ans- GPS (जीपीएस) का फूल फॉर्म Global Positioning System होता है। हिंदी में जीपीएस (GPS) का फूल फॉर्म या पुरा नाम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम होता है।

Q- जीपीएस फूल फॉर्म इन इंग्लिश?
Ans- Global Positioning System

Q- ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम क्या है?
Ans- ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) एक अंतरिक्ष आधारित उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है जो प्रथ्वी के सभी प्रकार के मौसम की स्थिति, समय एवं प्रथ्वी पर स्थित सड़क, मकान, तालाब, नदी, शहर, गांव, रेलवे लाईन आदि की स्थिति या लोकेशन की जानकारी प्रदाय करता है।

Q- GPS किसके द्वारा संचालित है?
Ans- USA की वायू सैना द्वारा संचालित है.

Q- जीपीएस का मतलब क्या होता है?
Ans- जीपीएस मतलब हिंदी में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम ( Global Positioning System) होता है। जीपीएस का हिंदी मीनिंग वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली होता है जो किसी भी निर्धारित स्थान समय मौसम का पता लगाने में हमारी मदद करता है।

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निष्कर्ष –

GPS का Full Form क्या है (What is GPS Full Form And Meaning in Hindi), लेख से आपको जरूर सीखने को मिला होगा। HindiNote – Tech News in Hindi का यह पोस्ट पहले काफी शोध किया गया, शोध करने के बाद ही ब्लॉग पर अपलोड किया गया ताकि आपको सही जानकारी मिल सके।

जीपीएस की फूल फॉर्म और मतलब हिंदी में, लेख को आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि WhatsApp, Facebook, Sandesh App, Twitter पर Share जरूर करे जिससे उनका भी नॉलेज मिल सके।

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