धनिया की खेती कैसे करे और कब? How and when to cultivate coriander

आज के लेख में धनिया की खेती कैसे और कब करें? (How and when to cultivate coriander) Dhaniya Ki Kheti Kaise Karte Hai के बारे में जानकारी दी गई है.

अगर आप एक किसान है और जानना चाहते है कि, धनिया की खेती से कितना मुनाफा होता है, धनिया की बुवाई कब और कौन से महीने में होती है, बारिश, शर्दियो, और गर्मियों में धनिया की फसल/खेती कैसे करे, साथ ही आपको धनिया की बुवाई/बोवनी से लेकर कटाई तक एवं धनिया की फसल में लागत कितनी लगती है, धनिया का बीच कितने प्रकार का होता है, धनिया क्या भाव बिकता है, भारत में धनिया की सबसे बड़ी धनिया मंडी कौन सी है, उक्त सभी धनिया की खेती से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब आपको इस आर्टिकल धनिया की खेती कब और कैसे करते है, में बताने वाले है।

धनिया Coriander की फसल के लिए उपयुक्त जलवायु, जमीन, बीच की किस्म, धनिया के फायदे, धनिया पाउडर के फायदे, धनिया पत्ती के फायदे के बारे में भी बताया जाएगा ताकि आप भी धनिया की खेती करना सीख जाए और लाखो रूपये का मुनाफा कमाये.

धनिया की खेती कैसे करें? How to cultivate coriander in Hindi

धनिया की खेती मुख्य रूप से भारत के मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्य में होती है। इन सभी राज्यों में अलग-अलग तरीकों से अलग-अलग सीजन पर अलग-अलग प्रकार से धनिए की फसलों का उत्पादन किया जाता है जिसमें से सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाले मध्यप्रदेश के गुना जिले के कुंभराज तहसील के किसान आते हैं, कुंभराज तहसील के किसान धनिया की फसल सबसे अच्छे तरीके से करते हैं और अधिक से अधिक भाव पर अपनी फसल को कुंभराज मंडी में बेचते हैं, आपकी जानकारी के लिए यह जानना भी काफी जरूरी है कि कुंभराज मंडी भारत और मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी धनिया मंडी है, कुंभराज धनिया मंडी धनिया के मामले में पूरे भारत में बहुत लोकप्रिय है क्योंकि कुंभराज मंडी में धनिया किसानों द्वारा काफी महंगे दामों में बेचा जाता है जिससे किसानों को अधिक से अधिक फायदा होता है दूर-दूर के राज्यों के किसान भी मध्य प्रदेश की कुंभराज मंडी में अपनी धनिया की फसल तैयार कर बेंचने आते है।

वर्ष 2021 में कुंभराज मंडी में धनिया की अधिकतम कीमत 35000 हजार रूपए प्रति क्विंटल तक रही थी, इससे आप अंदाजा लगा सकते हो की कुंभराज के किसान धनिया की खेती के मास्टर माइंड है, अगर आप भी इन किसानों की तरह धनिया की खेती करना सीखना चाहते है तो आज आप एक सही पोस्ट पर आए हो आज आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद धनिया से जुड़े आपके सभी सवालों के उत्तर मिलने वाले हैं।

आज आपको धनिया की खेती कैसे करे, धनिया की खेती कब और कैसे करे, धनिया की खेती करने का सही तरीका क्या है, धनिया की खेती से कितना मुनाफा होता है, धनिया की फसल कौन से सीजन में होती है, बारिश में धनिया की खेती कैसे करें, गर्मियों में धनिया की खेती कैसे करें, शर्दियो में धनिया की खेती कैसे करते है, धनिया की खेती करने में कितना खर्चा आता है, धनिया की खेती कितने महीने में होती है, धनिया का बीज के प्रकारकितने है यानी धनिया का बीज कितने तरह के होते है, धनिया का भाव क्या है, आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले है।

मिट्टी और जलवायु का चयन

धनिया की खेती करने के लिए मिट्टी का चयन करना बहुत जरूरी है, सबसे पहली जरूरत की आपकी जमीन जिस पर आप धनिया की खेती करना चाहते है, वह जमीन बिल्कुल समतल हो आड़ी टेढ़ी या किसी प्रकार का उतार-चढ़ाव ना हो। धनिया की खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी काली मिट्टी होती है, जरूरी नहीं कि पूरी तरह खेत की मिट्टी काली हो अगर मिट्टी थोड़ी काली थोड़ी भूरी लेकिन उपजाऊ जिसमें देसी खाद डाला गया हो ऐसी भूमि धनिया की खेती के लिए बहुत उपयोगी होती है।

धनिया खेती के लिए सबसे अच्छा मौसम यानी जलवायु सर्दियों का मौसम होता है इन्हीं सर्दियों के मौसम में तुम राज के किसान धनिया की खेती कर लाखों नहीं बल्कि बड़े किसान करोड़ों का मुनाफा कमाते हैं। कुंभराज के किसानों का कहना है कि अगर आपके पास पानी की कमी है तो धनिया की खेती करें और पानी की कोई कमी नहीं है आपके पास में पर्याप्त पानी की व्यवस्था है तो एक बीज धनी नाम का आता है उसका इस्तेमाल करे, धनी का बीज और धनिया का बीज डालने का अलग-अलग महीना होता है यानी करीब 30 दिन से लेकर 40 दिन का डिफरेंट होता है। लेख में आपको धनी की खेती कैसे करते है, के बारे में बताएंगे और कौन से महीने में कितने से कितने दिनांक के बीच धनी की बोवनी कर सकते है, चलिए लेख शुरू करते हैं।

धनिया के बीज का चयन

धनिया के बीज की किस्में अलग-अलग होती है जो किसान पहली बार धनिया की खेती करता है तो सबसे बड़ी गलती वह धनिया का बीज कचेल करने में ही कर देता है। मार्केट में आपको अनेक प्रकार के धनिया के बीज मिल जाएंगे लेकिन आपको ध्यान रखना है कि आपको सिर्फ और सिर्फ धनी ही खरीदना है। धनी की खेती में इतना फायदा है कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते धनी की खेती आपके 5 साल के घाटे को पूरा कर सकती है इसीलिए कुंभराज के किसान धनी की खेती करते हैं और लाखों रुपए का मुनाफा भी कमाते हैं।

पानी की आवश्यकता

धनिया की खेती करने के लिए धनी की फसल में कितनी बार पानी लगता है, यह आपकी खेत की मिट्टी के ऊपर डिपेंड करता है। जमीन काली है उपजाऊ है और उसमें आपने देसी खाद देकर रखा है तो आपका तीन ही पानी में काम हो जाएगा अगर आप की जमीन थोड़ी मंदी है फिर भी आप उसमें धनी की खेती कर सकते हैं लेकिन इसमें आपको चार से पांच पानी देने की जरूरत पड़ सकती है।

धनी की खेती में पानी कब देना है कितने दिन बाद देना है उसकी पूरी डिटेल हम आपको इस आर्टिकल में बताने वाले हैं।

बीज डालने से पहले खेत की तैयारी

बारिश की फसल कटने के करीब 8 या 10 दिन बाद खेत की हंकाई करें ताकि खेत की मिट्टी मैं थोड़ी धूप लगे और मिट्टी ऊपर नीचे हो जाए। 20 नवम्बर के आस पास खेत में कुआं या ट्यूबेल के द्वारा पानी देना है पूरे खेत में पानी देने के बाद जमीन को थोड़ा सूखने दें।

बीज की मात्रा प्रति बीघा जमीन

रकोड़ियां खाद छिड़कने के बाद उसी समय यानी उसी दिन धनिया भी छांटना है। धनिया में धनी को पहले आपको किसी आटा चक्की की मदद से धनी को धड़ना है धनी के एक दाने को दो हिस्सो मे बांटना है, इस प्रकार आपको धनी तैयार करना है। एक बीघा जमीन में 18 किलो धनिया का बीज डाले।

बुवाई/बोवनी का समय

पानी देने के करीब 8 या 10 दिन बाद यानी 1 दिसंबर के करीब बोवनी के समय यानी 1 दिसंबर के करीब अब आपको रकोड़या खाद छांटना है, एक बीघा में करीब 25 किलो रकोडिया खाद का छिड़काव करें। टकोड़िया छिड़कने के बाद आपको बोवनी करना है। एक दिसंबर को ही धनिया/धनी का छिड़काव करें यानी बीज डाले। बीज डालने के बाद आपको ट्रैक्टर की मदद से पंजे फेरे पंझो में दो लकड़ी के पटिये बांध ले ताकि साथ में कियारिया बनती चली जाए जिससे पानी देने में आसानी होती है। पंजों के पीछे एक भरी लकड़ी तीन या चार मीटर की दूरी से पीछे बांधले ताकि किआरिया समतल होती चली जाए। इस प्रकार आप धनिया का बीज डाल सकत है।

पहला पानी

धनिया का बीज डालते ही आपको किआरिय के सभी जोड़ो को आपस में मिला ले और एक धोरा बनाले जिससे सभी किआरियो में पानी दे सके।

इतना करने के तुरंत बाद यानी बोवनीके बाद ही पहला पानी देना है।

बौरावनी यानी दूसरा पानी

धनिया की खेती में दूसरा पानी 12 से 15 दिन के अंतराल में देना है जब धनिया जमीन से मुंह देना चालू कर दे यह पानी इसलिए देते है की मिट्टी नरम होते ही जमीन से बीज एक दम बाहर निकल आता है, और पूरा धनिया का बीज एक साथ विकसित होना प्रारंभ हो जाता है।

निंदाई खुदाई (कचरे की सफाई) एवं खाद

दूसरा पानी देने के बाद बोवनी के करीब 18 दिन बाद खेत से कचरा साफ करले, निंदाई खुदाई करले, निंदाई खुदाई करने के 25 दिन बाद आपको यूरिया खाद चिड़कना है। यूरिया छड़कने से धनी एक दम जोर करती है और फसल भी अच्छी निकलती है। 1 बीघा जगह में करीब 10 किलो यूरिया का छिड़काव करे।

तीसरे पानी का समय

25 दिन बाद जैसे ही यूरिया छिड़कते है उसी समय आपको तीसरा पानी देना है।

धुडिया रोग से बचाव हेतु धुडिया का छिड़काव

धनी की फसल करीब 1 माह 15 दिन की हो जाए, धनी में सफेद फूल का तार बन जाए उस समय आपको धुडिया की दबाई का छिड़काव करना है। इसको आप एक बीघा में 5 किलो तक का छिड़काव कर सकते है।

चौथा पानी के दे या ना दे

चौथा पानी अगर आपके पास पानी की व्यवस्था है तो धुडिया की दबाई छिड़कने के तुरंत बाद ही चौथा पानी देना है। अगर आपके पास प्रयाप्त पानी नही है तो कोई जरूरी नही की आप चौथा पानी दे, बस अब आप फसल में दाना पड़ने तक इंतजार करे।

कटाई और रखरखाव

करीब 2 माह 20 या पच्चीस दिन बाद धनिया का दाना पक जाए लेकिन याद रहे ये खेती करने के लिए आपको पूरी तरह धनिया की खेती को पकने नही देना है, कहने का मतलब यह है कि ना कच्छा रहे ना पूरी तरह दाना पके, ज्यादा पकने पर धनी पूरी तरह हरी नही रहेगी, थोड़ा लाल पन आ जाता है जिससे भाव में कम बिकता है।

धनिया की फसल निकालने का सही तरीका

2 माह 25 दिन बाद फसल की कटाई करवाए याद रहे धनी की कटाई सिर्फ मजदूरों या घर के सदस्यों द्वारा ही करवाए किसी तरह की काटने वाले हार्वेस्टर का इस्तेमाल न करे। धनिया कटने के दो या तीन दिन बाद जमीन पर पड़े धनिया को पलटी करवाए, जैसे ऊपर का हिस्सा नीचे कर दे और नीचे का उपर, जिससे धनिया एक समान सूखे एक तरफ ज्यादा धूप लगने से भी धनिया का कॉलर खराब हो सकता है। जैसे ही धनिया सूख जाए पूरे धनिए को इकट्ठा कर गंजी लग वादे। गंजी से ही धनिया सूखने के बाद हरा बना रहता है। फिर करीब 5 दिन या 8 दिन बाद लकड़ी की जेडिया से धनिया की ठुकाई करे जिससे धनिया का बीच डालियों से अलग हो जाएगा। अब आपको बरसाने की मसीन से धनिया निकाल जिससे धनिए की पत्तियां और डांटल अलग हो जाएगा और एक दम साफ धनिया एक तरफ निकल आएगा। इस धनी को किसी तरपाल पर फैलाना है याद रहे गल्ला नही करना है क्योंकि इस समय धनी के बीज में नमी रहती है।

बेंचने का समय और तरीका

धनिया जब पूरी तरह सूख जाए फिर बोरो में भरकर या ट्रैक्टर की ट्राली में भरले और जिस मंडी में भी आप बेचना चाहे बेंच दे, इस प्रकार तैयार किया गया धनिया एक दम हरा होता है जो सोने के भाव बिकता है। कोशिश करे की धनिया को कुंभराज मंडी में ही बेंचे ताकि अधिक से अधिक भाव मिल सके। पिछले वर्ष वर्ष 2021 में कुंभराज की मंडी में धनिया का भाव 35000 हजार रूपए प्रति क्विंटल तक बिका है।

निष्कर्ष –

हम उम्मीद करते है कि आज का लेख, धनिया की खेती कैसे करते है (Dhaniya Ki Kheti Kaise Karte Hai)? जरूर पसंद आया होगा और आपको कुछ सीखने को भी जरूर मिला होगा। हम काफी रिसर्च करके आपके लिए लेख तैयार किया है ताकि आप भी धनिया की अच्छी से अच्छी खेती कर सके और अच्छा मुनाफा (लाखों रुपए) कमा सके।

Dhaniya ki Kheti Kaise karte hai लेख को आप एक किसान दूसरे किसान को इस आर्टिकल को शेयर करेंताकि अधिक से अधिक किसान धनिया की खेती कर लाखों और बड़े किसान करोड़ों रुपए का मुनाफा कमा सके।

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