सौर मण्डल क्या है, सौर मंडल की उत्पत्ति कैसे हुई?

आज के लेख मे “सौर मण्डल क्या है, सौर मंडल की उत्पत्ति कैसे हुई? (What is the solar system, how did the solar system originate?) की पूरी जानकारी बताई गई है.

Internet और Science की दुनिया मे हर कोई सौर मंडल के बारे में जानना चाहता है। स्टूडेंट से लेकर आम आदमी के मन मे सौरमंडल के बारे मे जानने की जिज्ञासा होती है, पोस्ट मे सौरमंडल को विस्तार पूर्वक जानते है चलिए शुरू करते है.

सौर मण्डल क्या है What is Solar System?

सूर्य और उसके चारों ओर घूमने वाले आकाशीय पिंड सौर मंडल का निर्माण करते हैं। सौरमंडल में अनेक पिंड शामिल है जैसे ग्रह, धूमकेतु , क्षुद्र ग्रह और उल्काएँ। यह सभी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी भी सौर मंडल की एक सदस्य है पृथ्वी एक ग्रह है,यह सूर्य की परिक्रमा करती है इसके अलावा यह अपने अक्ष पर घूमती है, के अलावा सूर्य मंडल में 7 और अन्य ग्रह है जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
सौरमंडल के आठ ग्रहों के नाम है बुध ,शुक्र , पृथ्वी, मंगल , बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेपच्यून।
उक्त सूर्य के चक्कर लगाने वाले सभी ग्रहों, धूमकेतुओं, उल्काओं व आकाशीय पिंडो के समूह को What is Solar System? सौर मंडल कहते है!

सौर मंडल की खोज कब और किसने की थी?

Solar System (सौरमंडल) के बारे में सबसे पहले सन 1543 में निकोलस कोपरनिकस ने खोजा। निकोलस ने बताया कि सूर्य ब्रह्मांड का केंद्र है ना कि पृथ्वी। 17वीं शताब्दी में Galileo Galilei और Johannes Kepler ने खोजा की पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। धीरे-धीरे चांद तथा अन्य ग्रहो के बारे में खोज की जाने लगी।

खोज से पहले लोगों को ऐसा लगता था कि पृथ्वी ब्रह्मांड की केंद्र है तथा अन्य पिंड जैसे सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करते हैं। 1704 के आसपास, “सौर प्रणाली” शब्द पहली बार अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया।

सौर मंडल की उत्पत्ति कैसे हुई How did the solar system originate?

सौर मंडल के उत्पत्ति के बारे में वैज्ञानिकों की अलग-अलग राय है। कहा जाता है कि सौर मंडल का गठन 4.6 अरब साल पहले शुरू हुआ। इससे पहले सौरमंडल की जगह पर कोई दूसरा ग्रह मौजूद नहीं था और हमें रोशनी से भरपूर करने वाला सूर्य भी मौजूद नहीं था। यहां पर केवल धूल ही धूल मौजूद थी जिसमें हाइड्रोजन व हीलियम की भी उपस्थिति थी। उस वक्त धूल और गैस के बादल ही मौजूद थे जिन्हें निहारिका व नेब्युला कहा जाता है।

सौरमंडल का निर्माण आज से 4.6 साल पहले एक विशाल नेब्युला गैस के बादल के अंदर विस्फोट होने से हुआ है। नेबुला के ढहने से उसके अंदर मौजूद माल धीरे-धीरे अलग हो गया। और उसमें बादलो वाली धूल भी बहुत तेजी से घूम रही थी । गुरुत्वाकर्षण के कारण बादलों का अधिकांश हिस्सा केंद्र की ओर दबने लगा और केंद्र में इकट्ठा होने लगा। धीरे धीरे न्यूक्लियर फिशन की रिएक्शन के कारण केंद्र में अधिक ऊष्मा पैदा होने लगी और परिणाम स्वरूप सूर्य की उत्पत्ति हुई ।

के चारों ओर घूमने वाले कण गुरुत्वाकर्षण के कारण एक दूसरे से जुड़ने लगे और आकार में बड़े होने लगे परिणाम स्वरूप ग्रहों की उत्पत्ति हुई ।

यह भी पढ़ें :-

सौरमंडल के सदस्य ग्रह कौन से है?

सौरमंडल के सदस्य ग्रह सूर्य से दूरी के हिसाब से क्रमानुसार है –
सूर्य, बुद्ध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेपच्यून
उक्त सभी ग्रहों के बारे में विस्तार से जानते हैं!

सूर्य के बारे मे (About the sun)-

सूर्य सौरमंडल का एक प्रमुख सदस्य व केंद्र है। यह एक तारा है जो लगातार विशाल मात्रा में प्रकाश व ऊष्मा उत्सर्जित करता है। सूर्य के चारों ओर सौरमंडल में उपस्थित आकाशीय पिंड परिक्रमा करते हैं। सूर्य पृथ्वी से सबसे नजदीक तारा है।

ऊष्मा , गर्मी व ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है यह एक दीप्त पिंड है जो अपना प्रकाश खुद बनाता है। सूर्य सौरमंडल का सबसे अधिक गर्म तारा है

बुध ग्रह के बारे मे (About the planet Mercury) –

बुध सौरमंडल का एक सदस्य है।बुध सौरमंडल का पहला ग्रह है जो सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। बुध सौरमंडल का सबसे पहला व सूर्य से सबसे नजदीक ग्रह है।

सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है। सूर्य के नजदीक होने के कारण इस ग्रह पर अधिक ऊष्मा व गर्मी होती है। बुध के पास कोई उपग्रह नहीं है जो इस की परिक्रमा कर सके। यह एक आंतरिक ग्रह है।

शुक्र ग्रह के बारे मे (About Venus) –

शुक्र सौरमंडल का एक सदस्य है। शुक्र सौरमंडल का दूसरा ग्रह है। यह ग्रह भी सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। लेकिन इस ग्रह की घूर्णन गति पृथ्वी से अलग है यह पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है जबकि प्रथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। यह ग्रह सौरमंडल का सबसे चमकदार ग्रह है। यह आंतरिक ग्रह है।

पृथ्वी के बारे मे (About the earth) –

पृथ्वी सौरमंडल की एक सदस्य है। पृथ्वी एक ग्रह है जो सूर्य की परिक्रमा करती है व अपने अक्ष पर घूमती है। पृथ्वी एक अनोखा ग्रह है , जहां पर वायु , जल दोनो उपलब्ध है और जहां जीवन मौजूद है।

पर जीवन मौजूद होने का एक मुख्य कारण है – पृथ्वी की सूर्य से उचित दूरी जिसके कारण पृथ्वी पर सही तापमान , जल की उपस्थिति आदि उपलब्ध है। यह आंतरिक ग्रह है।

मंगल ग्रह के बारे मे (About Mars) –

यह सौरमंडल का एक सदस्य है। यह सौरमंडल का चौथा ग्रह है। यह भी सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। इस ग्रह का रंग लाल है इसीलिए इसे लाल ग्रह कहा जाता है।

मंगल 2 उपग्रह है जो इस की परिक्रमा करते हैं। यह आंतरिक ग्रह है।

बृहस्पति ग्रह के बारे मे (About Jupiter)-

यह सौरमंडल का एक सदस्य है। यह सौरमंडल का पांचवा ग्रह है। बृहस्पति भी सूर्य की परिक्रमा करता है वह अपने अक्ष पर घूमता है। यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। इतना बड़ा है कि इसमें 1300 पृथ्वी रखी जा सकती है।

jupiter ग्रह के पास सबसे ज्यादा चार उपग्रह है जो इसकी परिक्रमा करते हैं। यह एक बाह्य ग्रह है।

शनि ग्रह के बारे मे (About Saturn) –

शनि सौरमंडल का सदस्य है। यह सौरमंडल का छठा ग्रह है।इसका रंग पीला प्रतीत होता है। यह भी सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। अपनी सुंदर व रमणीय वलय के कारण यह सौरमंडल में सुंदर व अनोखा ग्रह माना जाता है। शनि ग्रह का घनत्व पानी के घनत्व से भी कम है। यह एक बाह्य ग्रह है

अरुण ग्रह के बारे मे (Regarding the planet Arun) –

यूरेनस सौरमंडल का सदस्य है। यह सौरमंडल का सातवां ग्रह है। यह भी सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। यूरेनस की घूर्णन गति भी पृथ्वी से अलग है।

यह भी शुक्र की तरह पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है जबकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। यह एक बाह्य ग्रह है।

वरुण ग्रह के बारे मे (About the planet Varuna) –

नेपच्यून सौरमंडल का सदस्य है। यह सौरमंडल का आठवा व आखिरी ग्रह है। यह भी सूर्य की परिक्रमा करता है व अपने अक्ष पर घूमता है। इसकी दूरी सूर्य से अधिक होने के कारण यह अत्यधिक ठंडा ग्रह है।

यह भी एक बाह्य ग्रह है।

सौर मंडल के अन्य सदस्य कौन कौन से है?

सौरमंडल में सूर्य तथा ग्रहों के अलावा और भी सदस्य हैं जैसे क्षुद्रग्रह, धूमकेतु, उल्का और उल्कापिंड आदि।

FAQ,s

सौर मंडल में कुल कितने ग्रह है?

सौर परिवार में 8 ग्रह हैं।

सूर्य क्या है ग्रह या उपग्रह?

तारा

सूर्य क्या है ग्रह या तारा?

तारा

सौरमंडल से क्या आशय है?

सूर्य और उसके चारों ओर घूमने वाले आकाशीय पिंड सौर मंडल का निर्माण करते हैं। सौरमंडल में अनेक पिंड शामिल है जैसे ग्रह, धूमकेतु , क्षुद्र ग्रह और उल्काएँ। यह सभी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी भी सौर मंडल की एक सदस्य है पृथ्वी एक ग्रह है,यह सूर्य की परिक्रमा करती है इसके अलावा यह अपने अक्ष पर घूमती है, के अलावा सूर्य मंडल में 7 और अन्य ग्रह है जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं।

सौर मंडल का उत्पत्ति कैसे हुई?

सौर मंडल के उत्पत्ति के बारे में वैज्ञानिकों की अलग-अलग राय है। कहा जाता है कि सौर मंडल का गठन 4.6 अरब साल पहले शुरू हुआ। इससे पहले सौरमंडल की जगह पर कोई दूसरा ग्रह मौजूद नहीं था और हमें रोशनी से भरपूर करने वाला सूर्य भी मौजूद नहीं था। यहां पर केवल धूल ही धूल मौजूद थी जिसमें हाइड्रोजन व हीलियम की भी उपस्थिति थी। उस वक्त धूल और गैस के बादल ही मौजूद थे जिन्हें निहारिका व नेब्युला कहा जाता है।

सौरमंडल का निर्माण आज से 4.6 साल पहले एक विशाल नेब्युला गैस के बादल के अंदर विस्फोट होने से हुआ है। नेबुला के ढहने से उसके अंदर मौजूद माल धीरे-धीरे अलग हो गया। और उसमें बादलो वाली धूल भी बहुत तेजी से घूम रही थी । गुरुत्वाकर्षण के कारण बादलों का अधिकांश हिस्सा केंद्र की ओर दबने लगा और केंद्र में इकट्ठा होने लगा। धीरे धीरे न्यूक्लियर फिशन की रिएक्शन के कारण केंद्र में अधिक ऊष्मा पैदा होने लगी और परिणाम स्वरूप सूर्य की उत्पत्ति हुई ।

सौर परिवार में कितने ग्रह हैं?

सौरमंडल के आठ ग्रहों के नाम है बुध ,शुक्र , पृथ्वी, मंगल , बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेपच्यून।

सबसे ज्यादा उपग्रह वाला ग्रह कौन सा है?

बृहस्पति

सूर्य से ग्रहो की दूरी?

सूर्य के सबसे पास बुध ग्रह और सबसे दूर नेपच्युन ग्रह है इनकी दूरी निम्नलिखित है

बुध ग्रह 57.91 मिली किलो मीटर

शुक्र ग्रह 108.9 मिली किलो मीटर

पृथ्वी 149.6 मिली किलो मीटर

मंगल 227.9 मिली किलो मीटर

बृहस्पति 778.5 मिली किलो मीटर

शनि 1.434 मिली किलो मीटर

अरुण 2.871 मिली किलो मीटर

वरुण 4.495 मिली किलो मीटर

बृहस्पति ग्रह के कितने उपग्रह है?

बृहस्पति ग्रह के चार उपग्रह है

कितने ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं?

8

सूर्य से ग्रहो का क्रम?

सूर्य से ग्रहो का क्रम निम्नलिखित है

बुध ग्रह 57.91 मिली किलो मीटर

शुक्र ग्रह 108.9 मिली किलो मीटर

पृथ्वी 149.6 मिली किलो मीटर

मंगल 227.9 मिली किलो मीटर

बृहस्पति 778.5 मिली किलो मीटर

शनि 1.434 मिली किलो मीटर

अरुण 2.871 मिली किलो मीटर

वरुण 4.495 मिली किलो मीटर

निष्कर्ष –

मुझे आशा है कि हमारी Website Hindi Note – Tech In Hindi यह लेख “सौरमंडल क्या है ? (What is Solar System) सौर मंडल की उत्पत्ति कैसे हुई?” जरूर पसंद आई होगी ।
में हमेशा यही कोशिश करता हूं कि पाठकों को अच्छे से अच्छे लेख पूरी तरह रिसर्च करके जानकारी प्रदान की जाएं ताकि पाठकों को दूसरे Site या ineternet में उस आर्टिकल के संदर्भ में खोजने की आवश्यकता नही हैं.


इससे साइट पर आने वाले पाठकों की समय की भी बचत होगी और एक ही आर्टिकल में पूरी जानकारी मिल जाएं. फिर भी आपके मन में कोई आर्टिकल को लेकर कोई प्रश्न हो तो आप आर्टिकल के कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं आपकी हेल्प की जाएगी.
यदि आपको मेरी वेबसाइट HindiNote Tech in Hindi के इस article से कुछ सीखने को मिला तो कृपया आर्टिकल को सभी सोशल नेटवर्क जैसे Facebook, Whatsapp, Instagram, Teligram पर शेयर कीजिए, धन्यवाद ।

Leave a Comment